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मालिक था, ६’२ ऊँचाई और कसरती बदन। सुधा भी काफी सुंदर थी, गोल चेहरा, लंबी टाँगें और खास तौर पर उसकी नीली आँखें। पता नहीं उसकी आँखों में क्या आकर्षण था कि जी करता हर वक्त उसकी आँखों में इंसान झाँकता रहे शनिवार की शाम ठीक सात बजे विनोद और सुधा हमारे घर पहुँचे। विनोद ने शॉट्‌र्स और टी-शर्ट पहन रखी थी, जिससे उसका कसरती बदन साफ़ झलक रहा था। सुधा ने कॉटन का टॉप और जींस पहन रखी थी। उसके कॉटन के टॉप से झलकते उसके निप्पल साफ़ बता रहे थे की उसने ब्रा नहीं पहन रखी है। उसकी काली जींस भी इतनी टाईट थी की उसके चूत्तड़ों की गोलाइयाँ किसी को भी दीवाना कर सकती थी। उसके काले रंग के ऊँची हील के सैंडल उसकी लंबी टाँगों को और भी सैक्सी बना रहे थे। उसे इस सैक्सी पोज़ में देख मेरे लंड में सरसराहट होने लग गयी थी। मैंने देखा की नेहा विनोद की और आकर्षित हो रही है। वो अपने अधखुले ब्लाऊज़ से विनोद को अपनी चूचियों के दर्शन करा रही थी। आज नेहा अपनी टाईट जींस और लो-कुट टॉप में कुछ ज्यादा ही सुंदर दिख रही थी। वहीं सुधा भी मेरे साथ ऐसे बरताव कर रही थी जैसे हम कई बरसों पुराने दोस्त हों। हम चारों आपस में ऐसे बात कर रहे थे कि कोई देख के कह नहीं सकता था कि हमारी जान पहचान चंद दिनों पूरानी है। पहले शराब का दौर चला और फिर खाना खाने के बाद हम सब ड्राईंग रूम में बैठे थे। मैंने स्टीरियो पर एक री-मिक्स की कैसेट लगा दी। सुधा ने खड़ी हो कर विनोद को डाँस करने के लिये कहा, किंतु उसने उसे मना कर दिया। शायद उसे नशा हो गया था, मगर उसने सुधा को मेरे साथ डाँस करने को कहा। सुधा ने मुझे खींच कर खड़ा कर दिया। हम दोनों गाने की धुन पर एक दूसरे के साथ नाच रहे थे। सुधा ने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर रख हुए थे और मुझसे सटते हुए नाच रही थी। उसके बदन की गर्मी मुझे मदहोश कर रही थी। मैंने भी अपने दोनों हाथ उसकी कमर पे रख उसे अपने और करीब खींच लिया। उसके बदन की गर्माहट और बदन से उठती खुशबू ने मुझे मजबूर कर दिया और मैंने कसके उसे अपनी छाती से चिपका लिया। मेरा लंड उसकी चूत पे ठोकर मार रहा था। तभी मुझे खयाल आया कि मेरी बीवी और उसका पति भी इसी कमरे में हैं। मैंने गर्दन घुमा के देखा तो पाया की नेहा विनोद को खींच कर डाँस के लिये खड़ा कर चुकी है। शायद मेरी बीवी की सुंदरता और खुलेपन ने विनोद को डाँस करने पे मजबूर कर दिया था, इसलिए वो नेहा को मना नहीं कर पाया। दोनों एक दूसरे को बांहों में ले हमारे पास ही डाँस कर रहे थे। नाचते-नाचते नेहा ने लाईट धीमी कर दी। कमरे में बहुत ही हल्की रोशनी थी। हम चारों कामुक्ता की आग में जल रहे थे। सुधा मुझसे और चिपकती हुई मेरे कान में बोली, “अच्छा है थोड़ा अंधेरा हो गया।” मैंने उसे और कस के अपनी बांहों में ले अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिए। उसने भी सहयोग देते हुए अपना मुँह खोल दिया और जीभ मेरे मुँह में डाल दी। हम दोनों एक दूसरे की जीभ चुभलाने लगे। मेरे दोनों हाथ अब उसके चूत्तड़ों को सहला रहे थे। सुधा के हाथ मेरी पीठ पर थे और वो कामुक हो मेरी पीठ को कस के भींच लेती थी। मेरा लंड पूरा तन कर उसकी चूत को जींस के ऊपर से ही रगड़ रहा था। अच्छा था कि वो हाई हील की सैंडल पहनी हुई थी जिससे की उसकी चूत बिल्कुल मेरे लंड के स्तर तक आ रही थी। सुधा ने अपने आप को मुझे सोंप दिया था। मैंने पीछे से अपने दोनों हाथ उसकी जींस में डाल दिए और पाया की उसने पैंटी नहीं पहनी हुई है। मेरे हाथ अब उसके मुलायम चूत्तड़ों को जोर से भींच रहे थे, वो भी उत्तेजित हो अपनी चूत मेरे लंड पे रगड़ रही थी। मेरी बीवी नेहा का खयाल आते ही मैंने गर्दन घुमा के देखा तो चौंक पड़ा। दोनों एक दूसरे से चिपके हुए गाने की धुन पर डाँस कर रहे थे। विनोद के हाथ नेहा के शरीर पर रेंग रहे थे। नेहा भी उसे अपने बांहों में भर उसके होंठों को चूस रही थी। मैं सुधा को बांहों में ले इस पोज़िशन में डाँस करने लगा कि मुझे नेहा और विनोद साफ़ दिखायी पड़ें। चार साढ़े-चार इंच की हाई हील की सैंडल पहने होने के बावजूद नेहा विनोद के कंधे तक मुश्किल से ही पहुँच पा रही थी। विनोद का एक हाथ नेहा की चूचियों को सहला रहा था और दूसरा हाथ दूसरी चूँची को सहलाते हुए नीचे की और बढ़ रहा था, और नीचे जाते हुए अब वो उसकी चूत को उसकी टाईट जींस के ऊपर से सहला रहा था। मुझे हैरानी इस बात की थी कि उसे रोकने कि बजाय नेहा विनोद को सहयोग दे रही थी। उसने अपनी टाँगें थोड़ी फैला दी जिससे विनोद के हाथों को और आसानी हो। पर मैं कौन होता हूँ शिकायत करने वाला। मैं खुद उसकी बीवी को बांहों में भरे हुए उसे चोदने के मूड में था। मेरे भी हाथ सुधा के चूत्तड़ों को सहला रहे थे। सुधा उत्तेजना में मुझे चूमे जा रही थी। तभी मैंने देखा कि विनोद ने अपना एक हाथ नेहा के टॉप में डाल कर उसके मम्मों पे रख दिया था। जब उसने नेहा की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं देखी तो उसने हाथ पीठ की और ले जाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए। मुझे उस पारदर्शी टॉप से साफ दिखायी दे रहा था कि विनोद के हाथ अब नेहा के मम्मों को सहला रहे थे। माहोल में जब चुदाई का आलम फ़ैलता है तो सब पीछे रह जाता है। मैंने भी आगे बढ़ कर सुधा के चूत्तड़ से हाथ निकाल उसकी जींस के बटन खोल जींस उतार दी। पैंटी तो उसने पहनी ही नहीं थी। “मैं सोच रही थी कि तुम्हें इतनी देर क्यों लग रही है।” सुधा अपने सैंडल युक्त पैरों से अपनी जींस को अलग करती हुए बोली। “प्लीज़ मुझे प्यार करो ना!

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Additionally, i Tunes 11.2.1 has been made available as a separate update.… continue reading »


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Being fat is treated as a referendum on your worth as a person – people see it as an implication that you’re only fat because you simply don’t want to change badly enough. The societal disdain for heavyset people is so ingrained that even people who are fat feel ashamed about who they are and that they have to apologize for some personal flaw that leaves them with the mark of Canes when the truth about obesity is as much about external factors as it is about food consumption.… continue reading »


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Birth Name: Daniella Monet Zuvic Place of Birth: West Hills, California Date of Birth: March 1, 1989 Eye Color: Hazel Hair Type/Color: Brown Ethnicity: *Croatian, Spanish-Chilean (father) *Italian (mother) Daniella Monet is an American actress.… continue reading »


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He mentions no twins, for he noted that she was set up as if stalking a bronze ram that was nearby, which served as a fountain.… continue reading »


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